Skip to contentMood off Shayari 2 line

अफसोस होता हैं उस पल का जब अपनी पसंद कोई और चुरा लेता हैं ख्वाब हम देखते रहते हैं और हकीकत कोई और बना लेता हैं.!!
बचा नहीं गम से दिल का कोना कोई, हम रहे या ना रहे हम पर ना रोना कोई.!!
जरूरी नहीं है कुछ गलत होने से ही दुःख मिले हद से ज्यादा अच्छा होने की भी कीमत चुकानी पड़ती है.!!
ख्वाब टूट कर बिखरे तो हकीकत समझो कोई अपना रूठे तो मोहब्बत समझो.!!
होती है परेशानियां कुछ और भी… हर उदास शख्स का मसला इश्क नहीं होता.!!
मुझे देखकर उसने नजर फेर ली, बेरुखी की हद इससे ज्यादा क्या होगी.!!
साथ छोड़ गया कुछ इस कदर मेरा रेत फिसलती है जैसे बंद मुट्ठी से.!!
आजकल मूड इतना खराब रहता है मेरा दिल करता है कि कही दूर चला जाऊं.!!
आज भी चाँद को देखकर मुझे अक्सर तेरी याद आती है ख्वाब में अब भी’ते रा चेहरा और आईने में ‘तेरी सुरत नजर आती है.!!
उनके हाथो की लकीरे बनने को तरसती रह गयी मैं वो ख्वाब हूं जो उनका होकर भी किसी ओर की आंखों का ख्वाब बन गयी.!!
दिल नहीं लगता आपको देखे बिना दिल नहीं लगता आपके बारे में सोचे बिना आँखें भर आती हैं यह सोच कर कि किस हाल में होंगे आप हमारे बिना
कातिलों से कातिल ही हारा है मारकर पूछा है इसे किसने मारा है!
जहर देता हैं कोई कोई दवा देता हैं जो भी मिलता हैं मेरा दर्द बढ़ा देता हैं
जिंदगी बहुत छोटी हो गई है रूठे हुए को मनाओ और रूठे हो तो मान जाओ!
Kabhi Vakt Mile To Sochana Jarur Vakt Our Pyar Ke Siva Tumase Manga Hi Kya Tha!
हर बार इल्जाम हम पर ही लगाना ठीक नहीं वफ़ा खुद से नहीं होती और खफा हम पर होते हो!
ज़िंदगी की सफ़र में वो तन्हाई है जो दिल में अँधेरे को बहा देती है!
हमें तो उनके साथ वक़्त गुज़ारने के लिए भी इज़ाज़त लेनी पड़ती थी उन्होंने बिना इज़ाज़त लिए हमारा दिल तोड़ दिया
साथ छोड़ गया कुछ इस कदर मेरा रेत फिसलती है जैसे बंद मुट्ठी से
उनकी नजरो में फर्क अब भी नहीं है पहले मूड के देखते थे और अब देख के मूड जाते है!
हर बार इल्जाम हम पर ही लगाना ठीक नहीं वफ़ा खुद से नहीं होती और खफा हम पर होते हो
रुलाना छोड़ दे ऐ-जिंदगी तू हमें हम खफा हुए तो एक दिन तुझे छोड़ देंगे !
Suna Hai Kafi Padh Likh Gae Ho Tum Kabhi Vo Bhi Padho Jo Ham Kah Nahin Paate
तुमसे प्यार किया है तुम्हारे ही साथ निभाएंगे जब तक है सांसे हम तुमको ही चाहेंगे!
इतना ना सताओ कि वह टूट कर चूर हो जाए कुछ ऐसा करके दिखाओ जो रिश्ता अटूट हो जाए!
टूट गया है दिल नए सपनों को फिर से क्यों सजाएं छोटी-सी जिंदगी है इसे बार-बार क्यों आजमाएं!
दूर रहकर भी तुम्हारी हर खबर रखते है हम पास तुम्हे कुछ इस कदर रखते है!
Saath Chhod Gaya Kuchh Is Kadar Mera Reat Phisalati Hai Jaise Band Mutthi Se
कसूर तो बहुत किये जिंदगी में पर सजा वहा मिली जहां बेकसूर थे हम!
Love मूड ऑफ शायरी स्टेटस

झूठी गवाही मांगेगा सच को हकलाना पड़ेगा तुम बहुत सच बोलते हो तुम् हें पछताना पड़ेगा!
अब न शिकवा है न शिकायत, बस खामोशी में जीने की आदत है।
मूड ऑफ होने का मतलब ये नहीं कि कमज़ोर हूँ, बस थक गया हूँ सब कुछ सहते-सहते।
मन भारी है, आँखें भीगी हैं, और मुस्कान भी अब झूठी लगती है।
दिल से रोने का मन करता है, पर चेहरे पर मुस्कान रखनी पड़ती है।
तन्हाई का कोई मोल नहीं, मगर हर दर्द की शुरुआत वहीं से होती है।
जिससे उम्मीद थी उसी ने तोड़ दिया, अब किससे शिकायत करें?
मूड ऑफ तब होता है, जब दिल और दिमाग लड़ते हैं।
इतना भी मत पूछो क्या हुआ है, मूड खराब है, दिल टूटा है, बस वही पुरानी कहानी है।
हर कोई पूछता है क्यों चुप हो, किसे बताऊँ दिल कितना दुखी हो?
मूड ऑफ होने की वजह तुम ही हो, और सुकून की वजह भी।
कभी-कभी खामोश रहना ही ठीक होता है, हर दर्द का इलाज लफ़्ज़ों में नहीं होता।
तेरी यादें जब आती हैं, मूड खुद-ब-खुद ऑफ हो जाता है।
अब कोई फरियाद नहीं करता, दिल का दर्द अब सिर्फ खुद से कहता है ।
मूड ऑफ है क्योंकि दिल टूटा है, किसी ने फिर वादों से धोखा दिया है ।
हर बार रोना जरूरी नहीं, कभी-कभी अंदर ही अंदर टूटना पड़ता है।
खुद को समझाना आसान नहीं, जब मन ही मन से नाराज़ हो जाए।
तेरे बिना जीना भी क्या जीना, हर लम्हा तन्हा-तन्हा सा बीता।
कोई अपना हो कर भी अपना सा नही लगता कोई पराया होकर भी अपना सा लगता है.!!
जरूरी नहीं है कुछ गलत होने से ही दुःख मिले हद से ज्यादा अच्छा होने की भी कीमत चुकानी पड़ती है.!!
उनके हाथो की लकीरे बनने को तरसती रह गयी मैं वो ख्वाब हूं जो उनका होकर भी किसी ओर की आंखों का ख्वाब बन गयी.!!
ये हौसला भी अब,मैं करके देखूंगा, अगर जी नही सका ,तो मर के देखूंगा.!!