Skip to contentAlone Shayari 2 Lines

जो अकेले रहना सीख जाते है, उन्हें फिर किसी और की जरुरत नहीं पड़ती !
कुदरत के इन हसीन नजारों का हम क्या करें, तुम साथ नहीं तो इन चाँ द सितारों का क्या करें !
अब वही होगा जो दिल चाहेगा, आगे जो होगा देखा जायेगा !
एक तुम्हीं थे जिसके दम पे चलती थी साँसें मेरी, लौट आओ जिंदगी से वफा निभाई नहीं जाती !
तुम से बिछड़ के कुछ यूँ वक़्त गुज़ारा, कभी ज़िंदगी को तरसे कभी मौत को पुकारा..!
आज उसने एक दर्द दिया तो याद आया, हा हमने भी तो दुआओं में उसके सारे दर्द मांगे थे..!
लौटते वो है जो रुठकर चले जाते हैं, टूटकर जाने वाले कहा लौटते है..!
गजल गाने का शौक नही, रहा हमे हम तो अब दर्द ए दिल बयां करते है..!
जिंदगी में इन्सान उस वक्त टूट जाता है, जब सब कुछ पास होकर भी वह अकेला रह जाता है..!
मीठी सी खुशबू में रहते हैं गुमसुम, अपने अहसास से बाँट लो तन्हाई मेरी..!
अकेला भी इस तरह पड़ गया हूं, कि मेरा हौसला भी साथ नहीं दे रहा है..!
मैं जो हूँ मुझे रहने दे हवा के जैसे बहने दे, तन्हा सा मुसाफिर हूँ मुझे तन् हा ही तू रहने दे..!
बदलते हुए लोगो के बारे में आखिर क्या कहूँ मैं? मैंने तो अपना ही प्यार किसी और का होते देखा हैं..!
कमाल का ताना देती है ये दुनिया मुझे, अगर वो तेरा है तो तेरे पास क्यों नहीं..!
जब तुम कहोगे तब हम मिलेंगे बस एक शर्त है, मैं घड़ी तुम पहनोगे ना वक्त हम देखेंगे..!
आजकल नहीं चलता प्यार जन्म जन्मों का लोग अपना मतलब निकाल कर मुँह फेर लेते है..!
ये भी शायद ज़िंदगी की इक अदा है दोस्तों, जिसको कोई मिल गया वो और तन्हा हो गया..!
कुछ कर गुजरने की चाह में कहाँ-कहाँ से गुजरे, अकेले ही नजर आये हम जहाँ-जहाँ से गुजरे..!
प्यार और विश्वास दो ऐसे पंछी है, एक उड़ जाए तो दूसरा भी उड़ जाता है..!
तेरा दिल कोई जब भी दुखाएगा, याद तुझ को मेरा प्यार आएगा..!
कोई रोग होता तो इलाज भी करबा लेते, वो तो इश्क की लत थी जो छूटी ही नही..!
बारिश की हर एक बूंद को पता है कि अकेलापन क्या होता है..!
तुम क्या जानो हम अपने आप में कितने अकेले है, पूछो इन रातो से जो रोज़ कहती है के खुदा के लिए आज तो सो जाओ..!
वो हर बार मुझे छोड़ के चले जाते हैं तन्हा, मैं मज़बूत बहुत हूँ लेकिन कोई पत्थर तो नहीं हूँ..!
जो अकेले रहना सीख जाते है, उन्हें फिर किसी और की जरुरत नहीं पड़ती..!
इस अकेलेपन से अब तंग आ गया हूं, इसलिए बहुत से आईने खरीद लाया हूं..!
अकेले पन की राहो पर वही व्यक्ति चलता हैं जिसने इस दुनिया-दारी से सबक सीख लिया होता हैं..!
बहुत खूबसूरत है न मेरा ये वहम, कि तुम जहां भी हो सिर्फ मेरे हो..!
मुझको मेरे अकेलेपन से अब, शिकायत नहीं है मैं पत्थर हूँ मुझे, खुद से भी मुहब्बत नहीं है..!
अजीब जुल्म करती हैं तेरी यादें मुझ पर… सो जाऊँ तो उठा देती हैं जाग जाऊँ तो रुला देती हैं..!
अगर क़िस्मत लिखने का हक़ मेरी माँ का होता, तो मेरी ज़िन्दगी में एक भी ग़म न होता..!
Painful Zindagi Alone Shayari

फुर्सत मिले तो उनका हाल भी पूछ लिया करो मोहतरमा, जिनके सीने में दिल की जगह तुम धड़कते हो..!
आंखो का पानी और दिल की कहानी हर कोई नही समझ सकता..!
कुछ तो हमारी भी ज़िंदगी की कहानी सुन लो, मैं अकेला हूँ इसकी वजह तुम हो..!
कितनी अजीब है इस शहर की तन्हाई भी, हजारो लोग है मगर कोई उस जैसा नहीं है..!
अगर वो सख्श एक बार मेरा हो जाता, मैं दुनियां की किताबो से हर्फ-ए-बेवफाई मिटा देता..!
तू उदास मत हुआ कर इन हजारो के बीच, आखिर चाँद भी अकेला रहता है सितारों के बिच..!
हालात खराब हो तो अपने ही, गैरो के जैसा बर्ताव करने लगते है..!
याद हैं मुझे मेरी गलती, एक तो मोहब्बत कर ली, दूसरी तुमसे कर ली, तीसरी बेपनाह कर ली..!
वक़्त बहुत कुछ छीन लेता है मेरी तो सिर्फ मोहब्बत थी..!
तेरे सिवा मुझे सिर्फ नींद से ही प्यार था.. कमबख्त वो भी बेवफा हो गई तेरे साथ..!
अकेले तो हम पहले भी जी रहे थे, क्यूँ तन्हा से हो गए हैं तेरे जाने के बाद..!
अब नाराज नहीं होना है किसी से, बस नजर अंदाज करके जीना है..!
जब तोड़ना ही था तो रिश्ता जोड़ा क्यों खुशी नहीं दे सकते थे तो हमारा गम से नाता जोड़ा क्यों..!
बस मेरी एक आखरी दुआ कबूल हो जाए इस टूटे दिल से तेरी यादे दूर हो जाए..!
कुछ दर्द बस दिल में ही रह जाते है, दुनियां को क्या पता हम क्या क् या सह जाते है..!
भर जायेंगे ज़ख्म मेरे भी, तुम ज़माने से जिक्र मत करना, मैं ठीक हु दोबारा मेरी फिक्र मत करना..!
वो किताबों में लिखा नहीं था, जो सबक़ ज़िन्दगी ने सिखाया मुझे..!
बर्बाद बस्तियों में तुम किसे ढूंढते हो, उजड़े हुए लोगों के ठिकाने नहीं होते..!
आज इतना तनहा महसूस किया खुद को, जैसे लोग दफना कर चले गए हो..!
इश्क में मेरा इस कदर तो टूटना लाजमी था यारो, कांच का दिल था और मोहब्बत पत्थर से की थी..!
मंज़िल पास है, इसलिए अकेला हूँ। अगर दूर जाना होता, तो किसी को आवाज़ लगा लिया होता..!
अजीब पहेलियाँ हैं हाथों की लकीरों में सफ़र ही सफ़र लिखा हैं हमसफ़र कोई नहीं..!
कभी घबरा गया होगा दिल तन्हाई में उनका, मेरी तस्वीर को सीने से लगा कर सो गए होंगे..!
ज़िन्दगी में मंज़िले तो मिल ही जाती हैं ! लेकिन वो लोग नहीं मिलते जिन्हें दिल से चाहा हो !’
दर्द जब हद से ज्यादा बढ़ जाए,तो वो ख़ामोशी का रूप ले लेता है।
दुख की बात ये है कि हम हम उस दौर में जी रहे हैं जहां मासूमियत को भी बेवकूफी कहा जाता है
बनना है तो किसी के दर्द की दवा बनो ! जख्म तो हर इंसान देता है !!
हम वहां काम आएंगे, जहांतुम्हारे अपने अकेला छोड़ जाएंगे।
सोचा था एक घर बनाकर बैठूंगा सुकून से ! लेकिन घर की ज़रूरतो ने मुसाफिर बना दिया !!
मैंने आज़ाद कर दिया हर वो रिश्ता,हर वो इंसान,जो सिर्फ अपने मतलब के लिए मेरे साथ था।
कुछ कह गए,कुछ सह गए,कुछ कहते-कहते रह गए,मै सही और तुम गलत के खे ल में,न जाने कितने रिश्ते ढह गए।
जिंदगी नहीं रुलाती है रुलाते हैं वो लोग जिन्हें, हम जिंदगी समझ लेते हैं..
ख्वाहिशों की पोटली सिर लिए चल रहा हूँ,मैं अकेला ही अपनी मंज़िल की और चल रहा हूँ
ये दिन भी क़यामत की तरह गुज़रा है ! न जाने क्या बात थी हर बात पर रोना आया !!
रूठूँगा तुझसे तो इस क़दर रूठूँगा तेरी आँखे तरस जाएगी मेरी एक झलक को !!
जनाब तुम मोहब्बत की बात करते हो हमने तो दोस्ती में भी धोखे खाएं हैं
तू और तेरे वादे दोनों ही झूठे निकले
तुम पर मरने से बेहतर था हम किसी हादसे में मर जाते
आज कुछ अजनबी सा अपना वजूद लगता है,साथ है सब मगर दिल क्यों अके ला सा लगता है !
मैं हमेशा डरता था उसे खोने से ! उसने ये डर ही ख़त्म कर दिया मुझे छोड़कर !!
काश तू समझ सकती मोहब्बत के उसूलों को,किसी की साँसों में समाकर उसे तन्हा नहीं करते !
ना आंसुओ से छलकते हैना कागज़ पर उतारते हैंदर्द कुछ होते हैं ऐसे जोबस भीतर ही भीतर पालते है।
अपनो ने अकेला इतना कर दिया,कि अब अकेलापन ही अपना लगता है।
कई बार कसूर किसी का भी नही होता,बस एक गलतफहमी खूबसूरत रिश् तेको तबाह कर देती है..!!
इश्क से ज्यादा तो किस्मत बेवफा होती हैजरूरत के वक्त ही साथ छोड़ जाती है.!!
ये दुनिया है जनाब महफ़िल में सलाम और अकेले में बदनाम करती है!
मैं कभी भूलूंगा नहीं लोगों ने वक्त देखकर अकेला छोड़ा था
हर किसी में तुझे पाने की कोशिश की ! बस एक तुझे न पाने के बाद !!
तेरे बदलने का दुख नहीं है मुझको… मैं तो अपने यकीन पर शर्मिदा हूं…
अब थोड़ा जल्दी कामयाब कर दे ऐ खुदा.. अब घर के बुरे हालात देखे नहीं जाते
दिल में आने का रास्ता तो होता है, लेकिन जाने का नहीं ! इसलिए जो भी जाता है दिल तोड़कर जाता है !!
धोखा देने के लिए शुक्रिया तेरा ! तुम न मिलती तो दुनिया की समझ न आती !!
किसी को गलत समझ लेने से पहले उसकी हालत जरूर देख लेना।
दुःख की बात यह है कि हम उस दौर में जी रहे हैं कि मासूमियत को भी बेवकूफ़ी कहा जाता है।
दिल में जलन आंखों में तूफान हैहमेशा खुश रहने वाला शख्सआज बहुत परेशान है ..! !
कैसे गुजरती है मेरी हर एकशाम तुम्हारे बगैर अगर तुमदेख लेते तो कभी तन्हा नछोड़ते मुझे।
लोग हमारी क़दर उस वक़्त नहींकरते जब हम अकेले हो बल्कि,उसवक़्त करते हैं जब वो अकेले होते हैं.
आज के ज़माने में खुश वही है जो मतलबी है
जरूरत से ज्यादा इज्जत, और वक्त देने से लोग बदल जाते हैं।