[1194+] Alone Shayari Shayari in Hindi – अलोन शायरी हिंदी में (2026)

Sad Love Alone Shayari

Naseeb Zindagi Alone Shayari

यूं ही नहीं होती जनाजे में भीड़ साहब, हर इंसान चला जाने के बाद अच्छा लगता है..!!!
बात बस नजरिए की है, काफी अकेला हु या, अकेला काफी हु..!!!
अगर वो सख्श एक बार मेरा हो जाता, मैं दुनियां की किताबो से हर्फ-ए-बेवफाई मिटा देता..!!!
नजर ना आऊं इतना भी दूर ना करो मुझे, बदल ना जाऊं इतना भी मजबू र ना करो मुझे..!!!
मुझे संभालने में इतनी एहतियात ना कर, बिखर ना जाऊं कहीं मैं तेरी हिफाजत में..!!!
हम तनहा ही सही पर तुम महफिल की शान बनो, अब किसी के दिल से मत खेलना, किसी एक की जान बनो..!!!
तुम चुन सकते हो सफर नया, मेरा तो इश्क है मुझे इजाजत नहीं..!!!
दिल चाहे कितना भी तकलीफ में हो, तकलीफ देने वाला दिल में ही रहता है..!!!
तेरी बातों में जिक्र उसका मेरी बातों में जिक्र तेरा, अजब इश्क है अपना ना तू मेरी ना वो तेरा..!!!
इश्क में मेरा इस कदर तो टूटना लाजमी था यारो, कांच का दिल था और मोहब्बत पत्थर से की थी..!!!
कुछ दर्द बस दिल में ही रह जाते है, दुनियां को क्या पता हम क्या क् या सह जाते है..!!!
वफादार और तुम, ख्याल अच्छा है, बेवफा और हम खैर इल्जाम अच्छा है..!!!
जख्म वहीं से मिले, जहां से मरहम की उम्मीद थी..!!!
अब नाराज नहीं होना है किसी से, बस नजर अंदाज करके जीना है..!!!
इत्र से कपड़ो का महकना कोई बड़ी बात नही, मजा तो तब है जब खुशबू किरदार से आए..!!!
ज़िंदगी है जनाब, दुःख तो देगी ही..!!!
शौक से निकालिए ऐब मेरे किरदार में, आप नहीं होंगे तो मुझे तर्शायेगा कौन..!!!
खुद का भी हाल देखने की फुर्सत नही मुझ, और वो औरों से बात करने का इल्जाम लगा रहे हैं..!!!
काश कभी उन्हें फुर्सत में ख्याल आए, की कोई उन्हें याद करता है जिंदगी समझ कर..!!!
भावनाएं मर चुकी हैं, मैने खुद उन्हे अपने हाथो से दफन किया है..!!!
बर्बादियों का हसीन एक मेला हूँ मैं, सबके रहते हुए भी बहुत अकेला हूँ मैं..!!
आगोश में ले लो मुझे बहुत अकेला हूँ मैं, बसा लो दिल की धड़कन में अकेला हूँ मैं, जो तुम नहीं जिंदगी में तो फिर कुछ नहीं, समा जाओ मुझमें… कि अकेला हूँ मैं..!!
कभी पहलू में आओ तो बताएँगे तुम्हें, हाल-ए-दिल अपना तमाम सुनाएँगे तु म्हें, काटी हैं अकेले कैसे हमने तन्हाई की रातें, हर उस रात की तड़प दिखाएँगे तुम्हें..!!
उदास तो बहुत रहे मगर कभी जाहिर नही किया, ठीक हूं, बस इस लफ् ज़ ने सब संभाल लिया।💔🥀
कैसे गुजरती है मेरी हर एक शाम तुम्हारे बगैर, अगर तुम देख लेते तो कभी तन्हा न छोड़ते मुझे..!!
तन्हाई में चलते चलते अब पैर लडखडा रहे हैं, कभी साथ चलता था कोई, अब अकेले चलें जा रहे हैं..!!
वक्त के बदल जाने से इतनी तकलीफ नही होती है, जितनी किसी अपने के बदल जाने से तकलीफ होती है..!!
तुझसे दूर जाने के बाद तन्हा तो हूँ लेकिन, तसल्ली बस इतनी सी है, अब कोई फरेब साथ नहीं..!!
मैं हूँ दिल है तन्हाई है, तुम भी जो होते तो अच्छा होता।
कुछ कर गुजरने की चाह में कहाँ-कहाँ से गुजरे, अकेले ही नजर आये हम जहाँ-जहाँ से गुजरे..!!
उसे पाना उसे खोना उसी के हिज्र में रोना, यही गर इश्क है तो हम तन्हा ही अच्छे हैं..!!
आज कुछ ज़िन्दगी में कमी है तेरे बगैर, ना रंग है ना रौशनी है तेरे बगैर, वक़्त चल रहा है अपनी ही रफ़्तार से, बस थम गयी है धड़कन एक तेरे बगैर।
हजारों महफिलें हैं और लाखों मेले है, पर जहाँ तुम नही वहां हम अकेले है ं। 💔🥀
कितनी अजीब है इस शहर की तन्हाई भी, हजारों लोग हैं मगर कोई उस जैसा नहीं है..!!
मौत देखते ही रह गई, जिंदगी ने ही मुझे मार डाला..!!!
ज़िंदगी है जनाब, दुःख तो देगी ही..!!!
सुनो, अब सिर्फ दर्द है, डर नहीं तुम्हे खोने का..!!!
भावनाएं मर चुकी हैं, मैने खुद उन्हे अपने हाथो से दफन किया है..!!!
मेरा लहजा ही मेरी पहचान है, वरना मेरे नाम के तो हजारों इंसान है ं..!!!
चुप रहना मेरी ताकत है कमजोरी नही, अकेले रहना मेरी आदत है मजबूरी नहीं..!!!
अब नाराज नहीं होना है किसी से, बस नजर अंदाज करके जीना है..!!!
मेरी आंखो से पूछ क्या है बेबसी, तेरे सिवा इन्हे कोई अच्छा नहीं लगता..!!!
पल पल बदलते रिश्तों के साए देखे है, क्या तुमने अपनो से बहतर पराए देखे है..!!!
लोट आया हु फिर से अपनी उसी कैद-ए-तन्हाई में, ले गया था कोई अपनी महफिलों का लालच दे के..!!!
किसी को मुफ्त में मिल गया वो सख्श, जो हर कीमत पर मुझे चाहिए था..!!!
दिल चाहे कितना भी तकलीफ में हो, तकलीफ देने वाला दिल में ही रहता है..!!!
घुटन बस भीड़ में ही नहीं होती, अपने घर में भी होने लगती है..!!!
जिस जिसने मोहब्बत में अपने महबूब को खुद कर लिया, खुदा ने अपना वजूद बचाने के लिए उनको जुदा कर दिया.!!!
मिल सके आसानी से उसकी खुवाइश किसे है, जिद तो उसकी है जो मुकद्दर में लिखा ही नहीं है..!!!
कुछ दर्द बस दिल में ही रह जाते है, दुनियां को क्या पता हम क्या क् या सह जाते है..!!!
आज उसने एक दर्द दिया तो याद आया, हा हमने भी तो दुआओं में उसके सारे दर्द मांगे थे..!!!
तुम चुन सकते हो सफर नया, मेरा तो इश्क है मुझे इजाजत नहीं..!!!
इस खामोशी में कितनी ताकत है, ये तुम्हे हमारा आने वाला वक्त बताएगा..!!!
बर्बाद बस्तियों में तुम किसे ढूंढते हो, उजड़े हुए लोगों के ठिकाने नहीं होते.!!!
रहने दे मुझे इन अंधेरों में ए दोस्त, कम्बक्त उजाले में अपनो के असली चेहरे नहीं दिखाई देते..!!!

Zindagi Alone Shayari

Feeling Alone Shayari Girl

बहुत कुछ छोड़ा है तेरे भरोसे ए वक्त, बस तू दगाबाज ना निकलना..!!!
बात बस नजरिए की है, काफी अकेला हु या, अकेला काफी हु..!!!
हमेशा याद रहेगा यह दौर हमको, क्या खूब तरसे जिंदगी में एक शक्श के लिए..!!!
अगर वो सख्श एक बार मेरा हो जाता, मैं दुनियां की किताबो से हर्फ-ए-बेवफाई मिटा देता..!!!
मुझे संभालने में इतनी एहतियात ना कर, बिखर ना जाऊं कहीं मैं तेरी हिफाजत में..!!!
वफादार और तुम, ख्याल अच्छा है, बेवफा और हम खैर इल्जाम अच्छा है..!!!
जिसने तुझे मेरे हिस्से से चुरा लिया, उसे कहना यूँ किसी का हक़ मारा करते.!!!
तेरी बातों में जिक्र उसका मेरी बातों में जिक्र तेरा, अजब इश्क है अपना ना तू मेरी ना वो तेरा..!!!
कभी मिल सको तो बेवजह मिलना, वजह से मिलने वाले तो ना जाने हर रोज कितने मिलते है..!!!
जख्म वहीं से मिले, जहां से मरहम की उम्मीद थी..!!!
मंजिल मिलने पर सुनाएंगे सफर की दास्तान, क्या-क्या छिन गया हमसे यहां तक पहुंचते पहुंचते..!!!
मसाला यह नहीं कि तुम मिल नहीं पाओगे, दर्द ये है के हम भूल नहीं पाएंगे.!!!
भर जायेंगे ज़ख्म मेरे भी, तुम ज़माने से जिक्र मत करना, मैं ठीक हु दोबारा मेरी फिक्र मत करना..!!!
हम तनहा ही सही पर तुम महफिल की शान बनो, अब किसी के दिल से मत खेलना, किसी एक की जान बनो..!!!
अगर आप अच्छे हैं और आपके साथ अच्छा ही हो, तो दोस्त ये सिर्फ एक कहावत है..!!!
तुम्हारे बाद फिर कहां किसी की हसरत होगी, खामखा उम्र भर मोहब् बत से नफरत होगी..!!
मत किया कर इतनी उम्मीद ए दिल, दिल हर किसी की दुनिया अलग है..!!!
पिछले जन्म में कौन सी खुशी दे दी थी मेरे मालिक, जिसकी कीमत इस जन्म में रो रोकर चुकानी पड़ रही है..!!!
जब तुम कहोगे तब हम मिलेंगे बस एक शर्त है, मैं घड़ी तुम पहनोगे ना वक्त हम देखेंगे..!!!
किरदार में मेरे भले ही अदाकारी नहीं है, खुद्दारी है, गुरूर है, पर मक्कारी नहीं है..!!!
किसी के पास यकीन का इक्का हो तो बताना, हमारे तो सारे भरोसे के पत्ते जोकर निकले..!!!
ना कोई हमदर्द था, ना कोई दर्द था, फिर एक हमदर्द मिला उसी से सर दर्द मिला..!!!
मन मेरा बेचैन सा है, ना जाने क्यों ये खुदसे ही खफा सा है..!!!
जब भी तु मुझसे कुछ छीन लेता है मैं खुशी से नाच उठता हूं, की पूरी दुनिया में तुझे एक मैं ही अमीर मिला..!!!
खुद में झांकने के लिए जिगर चाहिए साहब, दूसरों को जलील करने में तो हर शख्स माहिर है..!!!
मुद्दतो तो बाद हुआ था भरोसा किसी पर, फिर उसने साबित कर दिया कोई भरोसे के काबिल नहीं है..!!!
बड़ी साजिश हुई होगी तुम्हें हमसे दूर करने के लिए, मलाल इस बात का है कि तुम भी उनकी बातों में आ गए..!!!
खुद ही उठाना पड़ता है थका हुआ बदन अपना, जब तक ये सांसे चलती है कोई कंधा नहीं देता..!!!
यूं ही नहीं होती जनाजे में भीड़ साहब, हर इंसान चला जाने के बाद अच्छा लगता है..!!!
अकेला हूँ पर मुस्कुराता बहुत हूँ, खुद का साथ बड़ी शिद्दत से दे रहा हू !
ये जो मैं बेवजह उसकी तलाश करता रहता हूँ क्या मैं खुद ही खुद को बर् बाद करता रहता हूँ !
ए दिल जिसके दिल में तेरे लिए कोई जगह ही नहीं है, वही तेरे लिए खास क्यों है !
हालात खराब हो तो अपने ही, गैरो के जैसा बर्ताव करने लगते है !
तुझसे दूर जाने के बाद तन्हा तो हूँ लेकिन, तसल्ली बस इतनी सी है, अब कोई फरेब साथ नहीं !
कैसे गुजरती है मेरी हर एक शाम, तुम्हारे बगैर अगर तुम देख लेते तो, कभी तन्हा न छोड़ते मुझे !
शायद वो बेहतर की तलाश में है, और हम तो अच्छे भी नही है !
काश तू समझ सकती मोहब्बत के उसूलों को, किसी की साँसों में समाकर उसे तन्हा नहीं करते !
बारिश की हर एक बूंद को पता है कि अकेलापन क्या होता है !
बड़े ही हसीन अंदाज से उसने दिल पर वार किया, पहले प्यार किया फिर अकेलापन देकर दरकिनार किया !
बस मेरी एक आखरी दुआ कबूल हो जाए इस टूटे दिल से तेरी यादे दूर हो जाए !
अकेला होकर भी अकेला नहीं हूँ मैं, कुछ यूँ सहारा दिया है तेरी यादो ने मुझे !
कहने लगी है अब तो मेरी तन्हाई भी मुझसे मुझसे कर लो मोहब्बत मैं तो बेवफा भी नहीं !
फितरत में नहीं है मेरे हर चेहरे पे मिट जाना, तुझे चाहने में भी जमाने लगे है मुझे !
मोहब्बत में कसूर किसी का भी हो, अकेलेपन का सजा हमेशा बेकसूर को मिलता है !
खुद से ही बातें हो जाती है अब तो, लोग वैसे भी कहा सुनते है आज कल !
यूँ तो हर रंग का मौसम मुझसे वाकिफ है मगर, रात की तन्हाई मुझे कुछ अलग ही जानती है !
अकेले ही सहना अकेले ही रहना होता है, अकेलेपन का हर एक आँसू अकेले ही पीना होता है !
अब तो ये अकेलापन ही, कहेता है कि अब तो, हम ही से प्यार कर लो !
सब Busy हैं किसी ना किसी काम में पर, हम आज भी खाली बैठे है आपके इंतजार में !
सच्ची मोहब्बत करने वाले इंसान के, नसीब मैं सिर्फ तन्हाई लिखी होती है !
सुन अकेला रहना और अकेलेपन में रहना, वैसा ही होता है जैसे की मुस्कुराना और गम में रहना !
मुझको मेरे अकेलेपन से अब, शिकायत नहीं है मैं पत्थर हूँ मुझे, खुद से भी मुहब्बत नहीं है !
मेने बंद कर दिया दिखाना की, मुझे हर्ट होता है क्यूंकि मेरी, फीलिंग् स समझने वाला कोई नहीं है !
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